bhayanak ras - भयानक रस किसे कहते हैं

Arpit Nageshwar
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भयानक रस क्या है? | Bhayanak Ras Kise Kahate Hain, परिभाषा, स्थायी भाव और उदाहरण

हिंदी साहित्य में रस का बहुत महत्वपूर्ण स्थान है। रस के माध्यम से काव्य को पढ़ने या सुनने वाले के मन में विशेष प्रकार की भावना उत्पन्न होती है। इन्हीं रसों में से एक प्रमुख रस है भयानक रस

परीक्षाओं में अक्सर भयानक रस किसे कहते हैं, भयानक रस की परिभाषा, भयानक रस का स्थायी भाव, भयानक रस के उदाहरण जैसे प्रश्न पूछे जाते हैं। इसलिए इस विषय को आसान भाषा में समझना बहुत जरूरी है।

भयानक रस किसे कहते हैं

जब किसी काव्य, कहानी या घटना को पढ़ने या सुनने से डर, भय या आतंक का अनुभव होता है, तो वहाँ भयानक रस उत्पन्न होता है।

सरल शब्दों में कहा जाए तो जिस रस में भय की भावना उत्पन्न हो, उसे भयानक रस कहा जाता है।

उदाहरण :

  • अंधेरी रात में अचानक अजीब आवाज सुनाई दी।
  • जंगल में शेर की गर्जना सुनकर सभी डर गए।

इन वाक्यों में डर और भय का अनुभव होता है, इसलिए यहाँ भयानक रस है।

भयानक रस की परिभाषा

जिस काव्य या साहित्य को पढ़ने या सुनने से भय, आतंक, डर और घबराहट की भावना उत्पन्न हो, उसे भयानक रस कहा जाता है।

काव्यशास्त्र के अनुसार जहाँ भय (डर) का स्थायी भाव होता है, वहाँ भयानक रस की उत्पत्ति होती है।

भयानक रस का स्थायी भाव

भयानक रस का स्थायी भाव “भय” होता है।

जब किसी घटना, दृश्य या वर्णन से मन में डर उत्पन्न होता है, तो वही भय आगे चलकर भयानक रस का रूप ले लेता है।

उदाहरण :

  • भूत-प्रेत की कहानियाँ सुनकर बच्चों के मन में डर पैदा होना।
  • अचानक तेज आवाज सुनकर घबरा जाना।

भयानक रस की विशेषताएँ

भयानक रस को पहचानने के लिए इसकी कुछ मुख्य विशेषताएँ होती हैं।

  • इसमें डर और भय की भावना प्रमुख होती है।
  • अंधेरा, जंगल, भूत-प्रेत, खतरनाक स्थिति आदि का वर्णन होता है।
  • पाठक या श्रोता के मन में घबराहट और तनाव उत्पन्न होता है।
  • वर्णन अक्सर रहस्यमय और डरावना होता है।

भयानक रस के सरल उदाहरण :

नीचे भयानक रस के कुछ आसान और परीक्षा में पूछे जाने वाले उदाहरण दिए गए हैं।

click here - भयानक रस के 50 उदाहरण :

  • रात के सन्नाटे में कुत्तों का जोर-जोर से भौंकना।
  • घने जंगल में अचानक किसी जानवर की आवाज सुनाई देना।

  • काव्य में भयानक रस के उदाहरण

    साहित्य में भी भयानक रस का प्रयोग बहुत प्रभावशाली ढंग से किया जाता है।

    • अंधकार से भरी रात में भयावह दृश्य का वर्णन।
    • युद्ध के समय सैनिकों के मन में उत्पन्न डर।
    • भूत-प्रेत या राक्षसों का वर्णन।

    भयानक रस की पहचान कैसे करें

    यदि आप परीक्षा में भयानक रस को पहचानना चाहते हैं, तो इन बातों को ध्यान में रखें।

    • वाक्य या काव्य में डर का वातावरण होना चाहिए।
    • पढ़ने पर मन में भय की भावना उत्पन्न होनी चाहिए।
    • अंधेरा, रहस्य, खतरनाक स्थिति जैसे शब्दों का प्रयोग होता है।
    • घटना या दृश्य डरावना होना चाहिए।

    भयानक रस और रौद्र रस में अंतर

    कई बार विद्यार्थी भयानक रस और रौद्र रस में भ्रमित हो जाते हैं।

    • भयानक रस में डर और भय होता है
    • रौद्र रस में क्रोध और गुस्सा होता है

    इसलिए यदि प्रश्न में डर की बात हो तो भयानक रस होगा, और यदि गुस्सा या क्रोध हो तो रौद्र रस होगा।

    FAQ (Frequently Asked Questions)

    जिस काव्य, कहानी या घटना को पढ़ने या सुनने से डर, भय या आतंक की भावना उत्पन्न हो, उसे भयानक रस कहा जाता है।
    काव्यशास्त्र के अनुसार जिस साहित्य को पढ़ने या सुनने से भय, डर और घबराहट उत्पन्न हो, वहाँ भयानक रस होता है।
    भयानक रस का स्थायी भाव “भय” होता है। जब किसी दृश्य या घटना से डर उत्पन्न होता है, तो वही भयानक रस का आधार बनता है।
    भयानक रस की पहचान करने के लिए देखें कि वाक्य या काव्य में डर का वातावरण है या नहीं। यदि पढ़ने पर मन में भय उत्पन्न हो, तो वहाँ भयानक रस होता है।
    • अंधेरी रात में अजीब आवाज सुनाई देना
    • जंगल में शेर की गर्जना सुनना
    • खंडहर में रहस्यमय हलचल होना
    इन सभी उदाहरणों में डर की भावना उत्पन्न होती है, इसलिए ये भयानक रस के उदाहरण हैं।
    भयानक रस में डर और भय की भावना होती है, जबकि रौद्र रस में क्रोध और गुस्से की भावना होती है। दोनों रस अलग-अलग भाव को दर्शाते हैं।
    हाँ, भयानक रस हिंदी व्याकरण और साहित्य का महत्वपूर्ण विषय है। परीक्षाओं में इसकी परिभाषा, स्थायी भाव और उदाहरण से जुड़े प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं।
    भयानक रस का मुख्य तत्व भय (डर) है। इसी के कारण पाठक या श्रोता के मन में घबराहट उत्पन्न होती है।
Arpit Nageshwar

✍️ Arpit Nageshwar

Post-graduated | Web Developer | +3 yr Experience